राजीव गाँधी पंचायती राज संगठन ने मनाया राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

Krishna Nirala
By - Editor
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सारंगढ़ – बिलाईगढ़ | राजीव गाँधी पंचायती राज संगठन जिला – सारंगढ़ -बिलाईगढ़ आज 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के सुअवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गाँधी जी को पुष्पांजलि,एवं श्रीफल अर्पित कर पंचायती राज दिवस सारंगढ़ वार्ड नंबर 01 रानीसागर मे मनाया | कार्यक्रम के अतिथि श्री घनश्याम मनहर (प्रदेश प्रतिनिधि, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छ.ग.) ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रकाश डालते हुए, ग्राम चौपाल, एवं कार्यकर्ताओ को सम्बोधित किया |

महात्मा गाँधी के ग्राम स्वराज और सर्वोदय को मार्गदर्शी मान देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू के नागौर राजस्थान से प्रथम पंचायतीराज व्यवस्था के शुभारंभ के बाद पूर्व प्रधान मंत्री पंचायतीराज के पैरोकार राजीव गाँधी ने 64 वां संविधान संशोधन पेश किया लोकसभा में पारित राज्य सभा में 3 मतों से गिरा |


1993 में स्व नरसिंहराव तत्कालीन प्रधान मंत्री ने 73 एवं 74 वां संशोधन पंचायतीराज अधिनियम पारित कराया,महिलाओं को 33% भागीदारी सुनिश्चित किए।
भारत में गाँव केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है |यह देश के लोकतंत्र की मूल धड़कन है। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस हर साल 24 अप्रैल को मनाया जाता है, जो भारत में स्थानीय स्वशासन के संवैधानिककरण और 73 वें संविधान संशोधन की स्मृति में मनाया जाता है।  

यह महात्मा गांधी के आदर्श वाक्य “ग्राम स्वराज” या ग्राम स्वशासन की शक्ति का प्रमाण है।  राजीव गाँधी पंचायती राज संगठन का जिलाध्यक्ष नागेश्वर महंत ने कार्यक्रम मे उपस्तिथ ग्रामीणजन एवं कार्यकर्ताओ को  पंचायती राज के विषय मे जानकारी दीया कि

पंचायती राज दिवस  हर साल 24 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन 1993 के 73 वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के लागू होने की याद में मनाया जाता है, जिसने भारत में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) को संवैधानिक दर्जा और कानूनी मान्यता प्रदान की। 2026 में यह अधिनियम भारत के लोकतांत्रिक सफर में उस महत्वपूर्ण उपलब्धि के 33 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।

पंचायती राज दिवस 2026 के मौके पर सामने आया है कि संविधान में हर 5 साल में पंचायत चुनाव कराने के प्रावधान के बावजूद देश के 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव समय पर नहीं हुए हैं। राजस्थान सहित कई राज्यों में यह देरी 4–5 साल तक पहुंच चुकी है।
यह गंभीर सोचनीय विषय है अभी भी पंचायतों को सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए केंद्र और राज्य का मुंह ताकना पड़ रहा है। कार्यक्रम मे उपस्तिथ, कृष्णकुमार डहरे (जिला उपाध्यक्ष RGPRS), गौतम चंद्रा (जिला उपाध्यक्ष RGPRS),गोविन्द राम डहरिया, प्यारीलाल लहरे, योगेश महिलाने, तोषण पटेल, हुलस राम महिलाने, बसंत जोल्हे, लक्ष्मी प्रसाद यादव, सजन कुमार यादव, कृतराम सोनी, सेत राम, आनंद राम, किरण पटेल, महेत्तर साऊ, श्याम दास पनिका, अजीत अनिल, सहनू दास महंत, करण डहरे, गणेश दास, सोनाराम पटेल, गिरधारी डहरिया, बिक्की डहरे, एवं सम्मानीय महिलाये उपस्तिथ थी |

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