सारंगढ़ नपा अध्यक्ष सोनी बंजारे को पद समाप्ति आदेश के विरुद्ध मिला अंततः स्टे

Krishna Nirala
By - Editor
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उच्च न्यायालय के आदेश के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ने की उपस्थिति प्रतिवेदन प्रस्तुत

सारंगढ़ – सारंगढ़ में नगर सरकार की भूमिका को लेकर निरंतर शह और मात का खेल जारी है। पूर्व प्रकरण के हवाला देते हुए नगर सरकार में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी अजय बंजारे को पद से पृथक कर दिया गया था। जिसके विरुद्ध उन्होंने हाई कोर्ट में अपील की थी जहां उन्हें माननीय न्यायालय ने स्टे प्रदान किया है।

विदित हो की सारंगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी अजय बंजारे को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके निष्कासन और अयोग्यता संबंधी राज्य सरकार के आदेश पर स्टे (रोक) लगा दिया है।
सरकार ने उन्हें धारा 41-ए के तहत पद से हटा दिया था, जिसे उन्होंने चुनौती दी थी। इस स्टे के बाद वह फिलहाल अपने पद पर बनी रहेंगी।

गौरतलब हो की सचिव छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन के आदेश पत्र क्रमांक GENCOR-35/1312/2026-UAD दिनांक 20/03/2026 के द्वारा श्रीमती सोनी अजय बंजारे को नगर पालिका अध्यक्ष पद से हटाते हुए अधिनियम 1961 की धारा 41- क (2) के प्रावधानों के तहत अध्यक्ष या किसी समिति के अध्यक्ष पद पर आगामी पदावधी के लिए पद धारण के लिए निरर्हित किया गया था।

जहां माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर छग में दायर रीट पीटासीन याचिका क्रमांक WPC 1504/2026 में माननीय उच्च न्यायालय में पारित आदेश दिनांक 20/04/2026 के अनुसार दिनांक 20/03/2026 के विवादित आदेश का प्रभाव और संचालन अगली सुनवाई की तारीख तक स्थगित रहेगा और याचिकाकर्ता को अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सारंगढ़ जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई है।

माननीय उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के परिपालन में सोनी अजय बंजारे नगर पालिका अध्यक्ष सारंगढ़ ने निकाय में अपनी उपस्थिति प्रतिवेदन भी जमा की है।

जैसा कि लंबे समय से नगर पालिका में जमीनी स्तर के कई कार्य रुके हुए थे अधिकारी हो या फिर परिषद जनहित के कार्यों को लेकर कहीं ना कहीं उनमें एक ढिलाई दिखाई दे रही थी, अब अध्यक्ष और परिषद के साथ शायद नई कार्य ऊर्जा का संचार देखने को मिले।

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